॥ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥
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श्री

॥ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥

श्रीनिम्बार्क सम्प्रदाय
SHRI NIMBARKA SAMPRADAYA
द्वैताद्वैत वेदान्त की दिव्य परम्परा
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सम्प्रदाय के सभी विभाग

श्रीनिम्बार्क सम्प्रदाय के ज्ञान, दर्शन, इतिहास, उपासना एवं शोध के सोलह प्रमुख विभाग।

01

सम्प्रदाय परिचय

निम्बार्क सम्प्रदाय का स्वरूप, इतिहास, परम्परा और विशिष्टताएँ।

02

श्रीनिम्बार्काचार्य

जगद्गुरु श्रीनिम्बार्काचार्य का जीवन, दर्शन, उपदेश और परम्परा।

03

इतिहास एवं गुरु-परम्परा

सनकादि परम्परा से प्रवाहित आचार्य-शिष्य सम्बन्धों का दस्तावेजीकरण।

04

दर्शन एवं सिद्धान्त

द्वैताद्वैत वेदान्त, तत्त्वत्रय, भक्ति और परमपुरुषार्थ का अध्ययन।

05

ग्रन्थ एवं शास्त्र

मूल आचार्य ग्रन्थ, भाष्य, टीकाएँ, स्तोत्र और पद्धति साहित्य।

06

आचार्य एवं सन्त

सम्प्रदाय के आचार्यों, सन्तों, विद्वानों और टीकाकारों का जीवनचरित्र कोश।

07

उपासना एवं साधना

श्रीराधाकृष्ण युगलोपासना, गुरु-उपासना, ध्यान और भक्ति साधना।

08

नित्यकर्म एवं सपर्या

वैदिक एवं वैष्णव सन्ध्या, न्यास, नित्य पूजा और सेवा-विधान।

09

पीठ, मठ एवं मन्दिर

निम्बार्क परम्परा से सम्बद्ध पीठों, मठों, आश्रमों और मन्दिरों की निर्देशिका।

10

तीर्थ एवं पवित्र स्थल

ब्रजमण्डल, आचार्य-साधना स्थलों और पवित्र तीर्थों का परिचय।

11

डिजिटल पुस्तकालय

संस्कृत, हिन्दी और अंग्रेजी ग्रन्थों, पाण्डुलिपियों और ऑडियो का संग्रह।

12

शोध एवं अभिलेखागार

शिलालेख, ताम्रपत्र, ऐतिहासिक दस्तावेज और शोध प्रकाशन।

13

समाचार एवं उत्सव

आचार्य जयन्तियाँ, वार्षिक उत्सव, धर्मसभाएँ और प्रकाशन समाचार।

14

भजन, प्रवचन एवं मीडिया

प्रवचन, भजन, संस्कृत पाठ, चित्र दीर्घा और वृत्तचित्र।

15

वैश्विक निम्बार्क परिवार

भारत और विदेशों के केन्द्रों, विद्वानों, शोधकर्ताओं और स्वयंसेवकों का नेटवर्क।

16

प्रकाशन एवं सहयोग

पुस्तक प्रकाशन, अनुवाद, पाण्डुलिपि संरक्षण और शोध सहयोग।